There are 3 crores cases pending in Indian courts and some of them are scams linked with political parties . They all showing respect towards law but none is bothering to improve the situation. Without courts people have to wait more than 3 years and upto 20 years . It looks like political fraternity is committed to protect each other rather than interested in giving timely justice to all which makes us believe that there is political connivance in creating shortage of judges and corts in India
आज न्याय कोर्ट की दहलीज पर दम तोड़ रहा है राजनीतिक ताकत के बल पर ज्यूडिशियल भर्ती और फिर न्याय के नाम पर सीनियर वकीलो की ही सुनवाई और उस पर सोने पर सुहागा ये की हमारे" न्यायाधीश महोदय जो फैसला सुना दे और उस पर लॉजिक भी ना दे " तो भी उन पर कोई अन्याय करने के कारण कोई क़ानूनी कार्यवाही नहीं कोई जिम्मेदारी नहीं । यदि तुम्हारे पास आर्थिक शक्ति नहीं तो दम तोड़ दो नहीं तो भागो फिर सीनियर वकीलो पर भुगतान करो और फिर न्याय की बड़ी चौखट पर अपनी किस्मत आजमाओ शायद तुम्हें न्याय मिल जाए । और यदि न्याय नहीं मिला तो रोते हुए जाओ चुप्पी साध लो कंही बोले तो न्यायालय की अवमानना करने पर तुम्हें इस देश की क़ानूनी व्यवस्था जो तुम्हे न्याय ना दे सकी लेकिन सजा जरूर देगी ।इसलिए इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है न्यायपालिका अगर गलत निर्णय देती है तो उन न्याय के ठेकेदारो पर भी कार्यवाही होनी चाहिए